उत्तराखंड: रघुवीर सिंह भण्डारी बने उपाध्यक्ष, पूर्व सैनिकों को आपदा प्रबंधन से जोड़ने पर रहेगा जोर

Jun 9, 2026 - 08:30
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उत्तराखंड: रघुवीर सिंह भण्डारी बने उपाध्यक्ष, पूर्व सैनिकों को आपदा प्रबंधन से जोड़ने पर रहेगा जोर
उत्तराखंड: रघुवीर सिंह भण्डारी बने उपाध्यक्ष, पूर्व सैनिकों को आपदा प्रबंधन से जोड़ने पर रहेगा जोर

उत्तराखंड: रघुवीर सिंह भण्डारी बने उपाध्यक्ष, पूर्व सैनिकों को आपदा प्रबंधन से जोड़ने पर रहेगा जोर

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कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड में भौगोलिक और पर्यावरणीय संवेदनशीलता को देखते हुए आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति को मजबूत करने का कार्य प्रारंभ किया गया है। इसी क्रम में, लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भण्डारी (सेवानिवृत्त) को उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है।

देहरादून। उत्तराखंड की भौगोलिक और पर्यावरणीय संवेदनशीलता के कारण, राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति को और समृद्ध बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसी क्रम में, नव नियुक्त उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट कर्नल रघुवीर सिंह भण्डारी ने सोमवार को औपचारिक रूप से अपने पद का कार्यभार ग्रहण किया। देहरादून स्थित कार्यालय में, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग के सचिव विनोद कुमार सुमन ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और उनके नए दायित्व के लिए शुभकामनाएं दीं।

भण्डारी की प्राथमिकताएं

पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद भण्डारी ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, "उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं के मामले में अत्यंत संवेदनशील राज्य है, इसलिए आपदा प्रबंधन तंत्र को अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाने की आवश्यकता है।" उन्होंने एक महत्वपूर्ण रणनीति साझा करते हुए कहा कि उनकी मुख्य प्राथमिकता राज्य के पूर्व सैनिकों और अर्धसैनिक बलों के सेवानिवृत्त जवानों को आपदा प्रबंधन के ढांचे से जोड़ना होगी। भण्डारी का कहना है कि "उत्तराखंड के लगभग हर गांव में पूर्व सैनिक निवास करते हैं।" इन पूर्व सैनिकों का सेना में कठिन प्रशिक्षण, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और मैदानी अनुभव आपदा के समय खोज और बचाव कार्यों में बेहद महत्वपूर्ण सिद्ध हो सकता है।

विशेष कार्ययोजना की आवश्यकता

भण्डारी ने आगे कहा कि राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक आपदा की तैयारियों को मजबूत करने के लिए एक विशेष कार्ययोजना बनाई जाएगी। इसमें समुदाय आधारित प्रबंधन को बढ़ावा दिया जाएगा ताकि आपदा के दौरान त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। भण्डारी का लक्ष्य है कि पूर्व सैनिकों, युवाओं और स्वयंसेवी संगठनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया जाए।

अनुभव का लाभ

इस मौके पर सचिव विनोद कुमार सुमन ने कहा कि "रघुवीर सिंह भण्डारी का सेना में लंबा और शानदार अनुभव है। उनके प्रशासनिक और सैन्य कौशल का लाभ निश्चित रूप से उत्तराखंड की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मिलेगा।" विभाग को उम्मीद है कि उनके अनुभवों से खोज और बचाव कार्यों की तकनीक में और सुधार आएगा।

भण्डारी का गौरवशाली सैन्य करियर

रघुवीर सिंह भण्डारी का सैन्य करियर अत्यंत गौरवशाली रहा है। उन्होंने भारतीय सेना में लगभग 38 वर्षों तक अपनी सेवाएं दी हैं। इस दौरान उन्होंने लद्दाख स्काउट रेजीमेंटल सेंटर, गढ़वाल राइफल्स, मराठा रेजीमेंट और नेशनल डिफेंस अकादमी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने अपने करियर में ‘ऑपरेशन पवन’, ‘ऑपरेशन मेघदूत’ और ‘ऑपरेशन विजय’ जैसे महत्त्वपूर्ण अभियानों में भी भाग लिया है।

सैन्य सेवा के बाद संगठनात्मक कार्य

सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भण्डारी सामाजिक और संगठनात्मक कार्यों में सक्रिय रहे। वे उत्तराखंड पूर्व सैनिक एवं अर्धसैनिक संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष और पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक के रूप में लगातार कार्यशील रहे हैं। उनके संगठनात्मक अनुभव से उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन तंत्र को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है। प्रशासन का मानना है कि सेना के अनुशासन और आपदा प्रबंधन की आधुनिक तकनीक का मिलन राज्य की स्थिरता के लिए जीवनरक्षक साबित होगा।

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सदस्य: टीम Nainital Samachar किरण धामी

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