उत्तराखंड: महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार का नया कदम, उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार

Sep 20, 2026 - 08:30
 114  501.8k
उत्तराखंड: महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार का नया कदम, उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार
उत्तराखंड: महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार का नया कदम, उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार

उत्तराखंड: महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार का नया कदम, उत्पादों को मिलेगा बेहतर बाजार

Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Nainital Samachar

कम शब्दों में कहें तो, उत्तराखंड की सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि वे इस दिशा में कई योजनाएं ला रहे हैं, जिससे महिलाएं अपने उत्पादों को बेहतरीन बाजार तक पहुंचा सकेंगी।

देहरादून। हाल ही में आयोजित मातृशक्ति संवाद एवं सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके उत्पादों को एक बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने महिलाओं को प्रेरित किया कि वे सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें और यह भी कहा कि सरकार उनकी हरसंभव सहायता करेगी।

महिला सशक्तिकरण के लिए पहल

मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि महिलाएं इन योजनाओं से अच्छी तरह लाभ उठा रही हैं। इस संदर्भ में, उन्होंने विशेष रूप से कौशल विकास और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला जैसी योजनाएं महिलाओं के उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार में पहुंचाने के लिए तैयार की जा रही हैं।

सशक्त बहना योजना

महिला स्वयं सहायता समूहों को बड़े कारोबारी समूहों के रूप में विकसित करने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना का उल्लेख किया। इससे उत्तराखंड की महिलाओं द्वारा तैयार विशिष्ट उत्पादों को 'हाउस ऑफ हिमालय' ब्रांड के तहत बाजार में पहचान मिलेगी। वर्तमान में, देहरादून के सहस्रधारा रोड पर एक बड़ा केंद्र विकसित किया जा रहा है, जहाँ सभी 13 जिलों की महिलाओं के उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे।

उत्पाद की गुणवत्ता पर ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाएं अब पारंपरिक कार्यों के अलावा कारखाने चलाने में भी हाथ आजमा रही हैं। उन्होंने महिलाओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया और कहा कि ‘यदि उत्पाद की गुणवत्ता अच्छी होगी, तो उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा और बाजार में मांग भी बढ़ेगी।’

विपणन के नए रास्ते

महिला समूहों के उत्पादों को जीएमवीएन और केएमवीएन के गेस्ट हाउस के माध्यम से बेचने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने बताया कि ये उत्पाद विभिन्न मेलों और आयोजनों के अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डों पर भी बिक्री के लिए प्रस्तुत किए जाएंगे। 'हाउस ऑफ हिमालय' के उत्पाद अब ऑनलाइन भी उपलब्ध हैं।

संवाद में भावुकता

कार्यक्रम के दौरान, एक महिला लाभार्थी ने अपने संघर्ष की गाथा साझा की। उन्होंने बताया कि कैसे एक समय उनका परिवार आर्थिक संकट में था और उन्हें अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा था। महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल अपने परिवार को संभाला, बल्कि समूह से मिले बिना गारंटी के ऋण को भी एक महत्वपूर्ण सहारा बताया।

कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने अनुभवों और सुझावों के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा जताई। एक महिला ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं पर आधारित एक गीत भी प्रस्तुत किया, जिसमें उन्होंने बिना ब्याज ऋण और अन्य योजनाओं का वर्णन करते हुए महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार का आभार व्यक्त किया।

महिलाओं के इस उत्साह और प्रयासों ने स्पष्ट किया है कि यदि सही संसाधन और समर्थन मिले तो वे किसी भी चुनौती का सामना कर सकती हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में ये सबसे महत्वपूर्ण कदम न केवल महिलाओं के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकते हैं। सरकार का उद्देश्य है कि उत्तराखंड की महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हो सकें और इसे सिर्फ सपने तक सीमित न रखें।

इसके लिए महिला स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न पहलों के माध्यम से प्रोत्साहित किया जा रहा है। अधिक जानकारी के लिए, यहाँ क्लिक करें.

— टीम नैनीताल समाचार, प्रियंका।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0