हिमाचल में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत विवाद: राजेश धर्माणी का भाजपा पर ठोस पलटवार

Aug 27, 2026 - 08:30
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हिमाचल में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत विवाद: राजेश धर्माणी का भाजपा पर ठोस पलटवार
हिमाचल में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत विवाद: राजेश धर्माणी का भाजपा पर ठोस पलटवार

हिमाचल में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत विवाद: राजेश धर्माणी का भाजपा पर ठोस पलटवार

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कम शब्दों में कहें तो, हिमाचल प्रदेश विधानसभा में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के मुद्दे पर तीखी राजनीतिक बहस छिड़ गई है। इस विषय पर तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के भीतर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर छिड़ी सियासी जंग और भी तेज हो गई है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कांग्रेस पार्टी के नेता के रूप में भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों ही देश की संप्रभुता और गौरव के प्रतीक हैं, इसलिए इनकी तुलना करके विवाद खड़ा करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। धर्माणी ने यह भी मांग की कि जो लोग इन प्रतीकों का उपयोग कर राजनीति कर रहे हैं, उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।

भाजपा का आरोप और धर्माणी का जवाब

यह विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा विधायक दल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर सदन के भीतर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया और उनसे माफी की मांग की। भाजपा का तर्क था कि सदन की कार्यवाही की शुरुआत राष्ट्रगान के बजाय राष्ट्रगीत से की गई, जो स्थापित परंपराओं के विरुद्ध है।

मंत्री राजेश धर्माणी ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर सदन के सभी सदस्यों का सावधान की मुद्रा में खड़ा होना एक स्वाभाविक और सम्मानजनक प्रक्रिया थी। उन्होंने भाजपा के उस दावे पर सवाल उठाया जिसमें सदन की शुरुआत केवल राष्ट्रगान से करने की बात कही गई थी। धर्माणी के अनुसार, किसी भी आधिकारिक अधिसूचना में ऐसा कोई अनिवार्य नियम नहीं है कि विधानसभा की कार्यवाही पहले राष्ट्रगान से ही शुरू होनी चाहिए। इस मुद्दे को तूल देना निरर्थक है।

विपक्ष की राजनीति पर प्रहार

राजेश धर्माणी ने भाजपा पर राष्ट्रवाद की आड़ में राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल जानबूझकर जनता का ध्यान असली और गंभीर मुद्दों से भटकाने के लिए विवाद पैदा कर रहा है। धर्माणी ने भाजपा को घेरते हुए कई ज्वलंत मुद्दों का जिक्र किया।

मंत्री धर्माणी द्वारा उठाए गए मुद्दे विवरण
भर्ती परीक्षाएं पुलिस और जेबीटी भर्ती पेपर लीक मामलों पर सरकार की कड़ाई।
NEET विवाद देशभर के युवाओं से जुड़े नीट पेपर लीक का गंभीर मामला।
प्रशासनिक सुधार भ्रष्टाचार रोकने के लिए पुराने भर्ती आयोग को बंद कर नई व्यवस्था लागू करना।
राम मंदिर विवाद मंदिर के चढ़ावे और जमीन खरीद में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख।

मंत्री धर्माणी ने कहा कि राज्य सरकार ने भर्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, जिससे भ्रष्टाचार में संलिप्त रहे तत्वों और उनके राजनीतिक संरक्षकों में बौखलाहट है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि पार्टी ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान जैसे भावनात्मक मुद्दों का उपयोग अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए कर रही है। धर्माणी ने दोहराया कि सरकार राष्ट्र के सम्मान के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की भ्रामक राजनीति का मजबूती से जवाब दिया जाएगा।

इस स्थिति में, यह स्पष्ट है कि भाजपा और कांग्रेस के बीच यह राजनीतिक द्वंद्व न केवल राजनीतिक मजबूरियों का साधन है, बल्कि यह आम जनता के साथ जुड़े मुद्दों से ध्यान हटाने का भी एक उपक्रम हो सकता है।

अधिक जानकारी के लिए, देखें: Nainital Samachar

—Team Nainital Samachar, अंजलि मेहरा

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