भारत-जापान शिखर वार्ता: 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य निर्धारित, अगले दशक का सहयोग रोडमैप

Aug 30, 2025 - 00:19
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भारत-जापान शिखर वार्ता: 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य निर्धारित, अगले दशक का सहयोग रोडमैप
भारत-जापान शिखर वार्ता: 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य निर्धारित, अगले दशक का सहयोग रोडमैप

भारत-जापान शिखर वार्ता: 10 ट्रिलियन येन निवेश का लक्ष्य निर्धारित, अगले दशक का सहयोग रोडमैप

नई दिल्ली: Breaking News, Daily Updates & Exclusive Stories - Nainital Samachar

कम शब्दों में कहें तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने टोक्यो में एक महत्वपूर्ण शिखर वार्ता के दौरान 10 ट्रिलियन येन (लगभग 70 अरब डॉलर) के निवेश लक्ष्य निर्धारित किए हैं और सहयोग का एक नई दिशा तैयार की है।

ट्रंप टैरिफ वॉर के बीच यह वार्ता वैश्विक आर्थिक सुरक्षा और आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने के उद्देश्य में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस बैठक में मोदी ने कहा, “आज हमने भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी में एक नए और सुनहरे अध्याय की मजबूत नींव रखी है और अगले दशक के लिए सहयोग का रोडमैप तैयार कर लिया है।”

दुनिया के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत साझेदार

पीएम मोदी ने बातचीत के बाद पुष्टि की कि आज की चर्चाएं उत्पादक और उद्देश्यपूर्ण रही हैं। उन्होंने कहा, “मजबूत लोकतंत्र बेहतर दुनिया बनाने में स्वाभाविक साझेदार होते हैं।” इसके अलावा, दोनों प्रधानमंत्रियों ने अगले 10 वर्षों में जापान से भारत में 10 ट्रिलियन येन के निवेश का लक्ष्य रखा है, जो कि आर्थिक विकास और संबंधों को प्रगाढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

शिखर वार्ता के दौरान प्रमुख फोकस क्षेत्र

प्रधानमंत्री मोदी ने इस वार्ता के दौरान कहा कि 10 वर्षीय भारत-जापान रोडमैप का फोकस निम्नलिखित क्षेत्रों पर होगा:

  • निवेश
  • नवाचार
  • आर्थिक सुरक्षा
  • पर्यावरण
  • प्रौद्योगिकी
  • स्वास्थ्य

भारत और जापान के बीच की साझेदारी आपसी विश्वास और साझा मूल्यों के आधार पर आधारित है। दोनों देश एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, समृद्ध और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए प्रतिबद्ध हैं।

भारत और जापान की चिंताएं एक समान

पीएम मोदी ने बताया कि भारत और जापान आतंकवाद और साइबर सुरक्षा के मामले में समान चिंताएं रखते हैं। उन्होंने कहा, “हमारे साझा हित रक्षा और समुद्री सुरक्षा से जुड़े हैं। हमने रक्षा उद्योग और नवाचार के क्षेत्र में आपसी सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई है।”

पीएम इशिबा का महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण

इस वार्ता के बाद पीएम इशिबा ने कहा कि अगली पीढ़ी की चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें एक-दूसरे की ताकत का लाभ उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए भारत और जापान के सहयोग को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। यह शिखर वार्ता दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने और विविध क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस वार्ता के परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में भारत और जापान के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों में एक नई गति देखने को मिल सकती है, जो दोनों देशों के विकास के लिए लाभदायक सिद्ध होगा।

अधिक जानकारी के लिए, कृपया यहां पढ़ें: Nainital Samachar

सादर,
टीम नैनिताल समाचार, कृतिका शर्मा

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