पौड़ी गढ़वाल में गुलदार का आतंक: महिला की हत्या से ग्रामीणों में गुस्सा और सुरक्षा की मांग
पौड़ी गढ़वाल में गुलदार का आतंक: महिला की हत्या से ग्रामीणों में गुस्सा और सुरक्षा की मांग
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कम शब्दों में कहें तो: पौड़ी के तरुली गांव में 48 वर्षीय महिला की गुलदार के हमले में हुई दर्दनाक मौत ने पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना दिया है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया है।
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पौड़ी/श्रीनगर। पौड़ी-श्रीनगर मोटरमार्ग पर खंडाह के समीप बछेली ग्रामसभा के तरुली गांव में एक भयावह घटना घटित हुई है, जिसमें 48 वर्षीय बीना देवी की गुलदार के हमले में दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना गई है और ग्रामीणों के बीच भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है।
घास काटने के दौरान हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीना देवी, जो कि तरुली गांव की निवासी थीं, शुक्रवार शाम को अन्य महिलाओं के साथ खेतों और जंगल के समीप घास काटने गई थीं। इस दौरान एक गुलदार ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उन्हें अपना शिकार बना लिया। गुलदार ने बीना देवी को घसीटते हुए जंगल की ओर ले जाने की कोशिश की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
महिलाओं के शोर मचाने पर भागा गुलदार
जिन महिलाओं ने यह भयानक मंजर देखा, उन्होंने साहस के साथ शोर मचाना शुरू कर दिया। उनके शोर की आवाज सुनकर गुलदार घबरा गया और न केवल बीना देवी का शव छोड़ दिया, बल्कि घने जंगल की ओर तेजी से भाग खड़ा हुआ। इस घटनाक्रम ने न केवल बीना देवी के परिवार, बल्कि पूरी ग्रामसभा को आहत किया।
ग्रामीणों का वन विभाग के खिलाफ प्रदर्शन
घटना के तुरंत बाद, तरुली और उसके आसपास के गांवों के सैकड़ों ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। उन्होंने वन विभाग के खिलाफ गुस्से का इजहार करते हुए प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियों को लेकर चेतावनियां दी गई थीं, लेकिन वन विभाग ने इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। गुस्साए ग्रामीणों ने शव को उठाने से इनकार किया और सुरक्षा की मांग की।
गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से आग्रह किया कि इस हमलावर गुलदार को तुरंत आदमखोर घोषित किया जाए और उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही, उन्होंने गांव के चारों ओर वन कर्मियों की गश्त बढ़ाने और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की भी मांग की। इस घटना के बाद, पुलिस और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की।
इस घटना ने न केवल एक महिला की जान ली, बल्कि पूरे गांव के लोगों को सुरक्षा के प्रति चिंतित कर दिया है। ग्रामीणों ने अनेकों बार वन विभाग से सुरक्षा की मांग की है, लेकिन इस तरह की घटनाएं बार-बार घटित हो रही हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह इन मुद्दों को गंभीरता से ले और स्थाई समाधान खोजे।
टीम नैनीताल समाचार, प्रिया शर्मा
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