उत्तराखंड में "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" ने रिकॉर्ड बनाया, 363 शिविरों में लाखों को मिला त्वरित समाधान
उत्तराखंड में "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" ने रिकॉर्ड बनाया, 363 शिविरों में लाखों को मिला त्वरित समाधान
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कम शब्दों में कहें तो, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" कार्यक्रम ने प्रदेशभर में 363 शिविर आयोजित कर लाखों लोगों को त्वरित समाधान दिया है। इस पहल से जनसेवा और पारदर्शिता का नया मापदंड स्थापित हुआ है।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम ने सेवा, पारदर्शिता और समाधान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए राज्य के विभिन्न जनपदों में 363 शिविरों का आयोजन किया है। यह इन शिविरों का डेटा स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राज्य सरकार आम जनता की समस्याओं को उनके द्वार पर पहुंचाकर सुनने और हल करने के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्रदेशभर में 363 शिविर, लाखों की भागीदारी
इस कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड के अलग-अलग जनपदों में अब तक कुल 363 शिविर आयोजित किए जा चुके हैं। इनमें 347 शिविर पिछले दिनों में और 16 शिविर आज आयोजित किए गए हैं। इन शिविरों में कुल 2,80,030 नागरिकों ने भाग लिया, जिनमें 2,77,654 लोग पूर्व दिवसों तक और 10,376 लोग आज शामिल हुए। यह आंकड़े इस पहल को मिल रहे व्यापक जनसमर्थन का परिचायक हैं।
शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई, हजारों मामलों का निस्तारण
संबंधित शिविर में प्राप्त शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 29,086 शिकायतों का निस्तारण किया गया है। इनमें 28,293 शिकायतें पूर्व दिवसों तक और 793 शिकायतों का निस्तारण आज हुआ। इसके साथ ही 19,491 शिकायतें पंजीकृत की गई हैं, जिनमें 18,973 शिकायतें पिछले दिनों तक और 518 शिकायतें आज दर्ज की गई। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि हर शिकायत को गंभीरता और प्राथमिकता के साथ लिया जा रहा है।
प्रमाण पत्र और सरकारी योजनाओं का लाभ
कार्यक्रम के अंतर्गत नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ी संख्या में प्रमाण पत्र भी जारी किए गए। अब तक कुल 39,689 प्रमाण पत्र बनाए गए हैं, जिनमें 38,255 प्रमाण पत्र पिछले दिनों तक और 1,444 प्रमाण पत्र आज बनाए गए। इसके अलावा विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत कुल 1,58,239 नागरिकों को लाभ प्रदान किया गया है, जिनमें 1,51,565 लाभार्थी पूर्व दिनों तक और 6,674 लाभार्थी आज शामिल हैं। यह राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है।
मुख्यमंत्री का संदेश: समाधान ही प्राथमिक लक्ष्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य केवल समस्याओं को सुनना नहीं, बल्कि उनका त्वरित, प्रभावी और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को यह निर्देश दिया है कि जनता से प्राप्त प्रत्येक शिकायत और सुझाव पर पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए, ताकि शासन और जनता के बीच विश्वास और अधिक मजबूत हो।
सुशासन की मजबूत मिसाल
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह कार्यक्रम उत्तराखंड में सुशासन का एक सशक्त मॉडल बनकर उभरा है, जिसने प्रशासन को सीधे जनता के साथ जोड़ते हुए सेवा, समाधान और संतुष्टि की नई मिसाल कायम की है।
इस प्रकार, "जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार" कार्यक्रम ने न केवल जन सेवा की गुणवत्ता में सुधार किया है बल्कि आम नागरिकों के जीवन में सुधार लाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अधिक जानकारी के लिए, [यहाँ क्लिक करें](https://nainitalsamachar.com) ।
सादर,
टीम नैनिताल समाचार, प्रियंका शर्मा
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